स्वाथ्य रक्षक अमरूद
वैसे तो फलो मे सेब को अच्छा और स्वाथ्य जनक माना जाता है, किन्तु सेब के समस्त गुण होने और अन्य फलो की अपेक्षा सस्ता होने से अमरूद का प्रयोग नार्मल से नॉर्मल व्यक्ति भी कर सकता है।
इस पोस्ट मे हम आपको अमरूद का कैसे प्रयोग करके स्वास्थ्य रहा जा सकता है बतायेगे।
अमरूद की कई प्रजातियां होती है परन्तु मुख्य रूप से गुलाबी और सफ़ेद दो प्रकार का होता है ,जिसका गुदा अंदर से गुलाबी होता है , उसे गुलाबी या लाल अमरूद, जिसका गुदा अंदर से सफ़ेद रंग का होता है , उसे सफ़ेद अमरूद कहा जाता है।
हिंदी मे अमरूद , मराठी मे जामफल कहा जाता है दक्षिण मे इसे पेरू नाम से जाना जाता है
अमरूद के फ़ायदे
* रुचिकारक ,शुक्रवर्धक , कब्जनिवारक होता है।
* मानसिक शक्ति बढ़ाता है।
* हदय के लिए बल वर्धक होता है।
* कफ निवारण होता है।
* उलटी और चक्कर दूर करता है।
* शीतल प्रभावशाली होने से मानसिक रोगो को दूर करता है।
* प्रोटीन , कार्बोहाई ड्रेट और विटामिन ए ,बी ,सी और फास्फोरस और कैल्शियम आदि लवण पाए जाते है
* तृषा को दूर करता है
* अमरूद के बीज कब्ज निवारक होते है।
अमरूद का उपयोग
* दांतो के दर्द और मसूड़ों की सूजन मे अमरूद के फायदे
अमरूद के 15 -20 मुलायम पत्ते तोड़कर मसलकर 2 गिलास पानी मे उबाले , जब आधा पानी शेष रहे , तब उतारकर मामूली ठंडा करके 3 ग्राम सेंधा नमक और 1 ग्राम फिटकरी डालकर बार बार कुल्ला करने से ये दातो के दर्द और सूजन के लिए लाभदायक होता है।
* मुख के छालो मे अमरूद का उपयोग
अमरूद के पत्तो पर कत्था लगाकर चबाएं। केवल अमरूद के पत्ते चबाने - से भी छाले ठीक हो जाते है।
* हैजा की अवस्था मे अमरूद का उपयोग
हैजा रोग की शुरुआत मे अमरूद के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर या अमरूद के पत्तो का काढ़ा बनाकर रोगी को ५० ग्राम काढ़ा पिलाने से उल्टी दस्त बंद हो जाते है। या लाभ रोग की शुरुआती अवस्था मे होता है।
* सुखी खासी मे अमरूद का उपयोग
जिन लोगो को ख़ासी की समस्या हो, वो प्रीतिदिन खाली पेट अमरूद खाने से ३-४ दिनों मे ही ख़ासी दूर हो जाती है
* सामान्य जुकाम और ख़ासी मे
आप लोग अमरूद को आग मे भूनकर , सेंधा नमक लगाकर सेवन करेंगे तो भी इसका लाभ होता है। इससे सर्दी दूर हो जाती है
* सरदर्द मे उपयोगी
जिन लोगो को सरदर्द की समस्या हो वो लोग कच्चे हरे ताजे अमरूद लेकर घिसकर लेप बनाये और माथे पर लगाए ऐसा कुछ दिनों तक करने सरदर्द मे पूर्ण रूप से फयदा होगा।
* हदय रोग मे
ह्दयरोगी के लिए अमरूद की चटनी लाभप्रद होती है , पके हुए अमरूद के बीज निकल दे तथा गूदे को पीसकर चीनी मिलकर चटनी बनाकर सेवन करे।
* ज्वर मे
ज्वर मे भी अमरूद का उपयोग करके ठीक हुआ जा सकता है कोमल पत्ते 15 - 20 लेकर पीसकर छानकर पानी के साथ पीने से ज्वर जल्दी ही ठीक हो जाता है।
* आँखो के लिए
आँख आने पर आँखो मे पीड़ा , लालपन तथा सूजन हो जाती है , ऐसे मे अमरूद के पत्तो को पीसकर पुल्टिस बनाकर पलकों पर बाँधने से लाभ होता है।
वैसे तो फलो मे सेब को अच्छा और स्वाथ्य जनक माना जाता है, किन्तु सेब के समस्त गुण होने और अन्य फलो की अपेक्षा सस्ता होने से अमरूद का प्रयोग नार्मल से नॉर्मल व्यक्ति भी कर सकता है।
इस पोस्ट मे हम आपको अमरूद का कैसे प्रयोग करके स्वास्थ्य रहा जा सकता है बतायेगे।
अमरूद की कई प्रजातियां होती है परन्तु मुख्य रूप से गुलाबी और सफ़ेद दो प्रकार का होता है ,जिसका गुदा अंदर से गुलाबी होता है , उसे गुलाबी या लाल अमरूद, जिसका गुदा अंदर से सफ़ेद रंग का होता है , उसे सफ़ेद अमरूद कहा जाता है।
हिंदी मे अमरूद , मराठी मे जामफल कहा जाता है दक्षिण मे इसे पेरू नाम से जाना जाता है
अमरूद के फ़ायदे
* रुचिकारक ,शुक्रवर्धक , कब्जनिवारक होता है।
* मानसिक शक्ति बढ़ाता है।
* हदय के लिए बल वर्धक होता है।
* कफ निवारण होता है।
* उलटी और चक्कर दूर करता है।
* शीतल प्रभावशाली होने से मानसिक रोगो को दूर करता है।
* प्रोटीन , कार्बोहाई ड्रेट और विटामिन ए ,बी ,सी और फास्फोरस और कैल्शियम आदि लवण पाए जाते है
* तृषा को दूर करता है
* अमरूद के बीज कब्ज निवारक होते है।
अमरूद का उपयोग
* दांतो के दर्द और मसूड़ों की सूजन मे अमरूद के फायदे
अमरूद के 15 -20 मुलायम पत्ते तोड़कर मसलकर 2 गिलास पानी मे उबाले , जब आधा पानी शेष रहे , तब उतारकर मामूली ठंडा करके 3 ग्राम सेंधा नमक और 1 ग्राम फिटकरी डालकर बार बार कुल्ला करने से ये दातो के दर्द और सूजन के लिए लाभदायक होता है।
* मुख के छालो मे अमरूद का उपयोग
अमरूद के पत्तो पर कत्था लगाकर चबाएं। केवल अमरूद के पत्ते चबाने - से भी छाले ठीक हो जाते है।
* हैजा की अवस्था मे अमरूद का उपयोग
हैजा रोग की शुरुआत मे अमरूद के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर या अमरूद के पत्तो का काढ़ा बनाकर रोगी को ५० ग्राम काढ़ा पिलाने से उल्टी दस्त बंद हो जाते है। या लाभ रोग की शुरुआती अवस्था मे होता है।
* सुखी खासी मे अमरूद का उपयोग
जिन लोगो को ख़ासी की समस्या हो, वो प्रीतिदिन खाली पेट अमरूद खाने से ३-४ दिनों मे ही ख़ासी दूर हो जाती है
* सामान्य जुकाम और ख़ासी मे
आप लोग अमरूद को आग मे भूनकर , सेंधा नमक लगाकर सेवन करेंगे तो भी इसका लाभ होता है। इससे सर्दी दूर हो जाती है
* सरदर्द मे उपयोगी
जिन लोगो को सरदर्द की समस्या हो वो लोग कच्चे हरे ताजे अमरूद लेकर घिसकर लेप बनाये और माथे पर लगाए ऐसा कुछ दिनों तक करने सरदर्द मे पूर्ण रूप से फयदा होगा।
* हदय रोग मे
ह्दयरोगी के लिए अमरूद की चटनी लाभप्रद होती है , पके हुए अमरूद के बीज निकल दे तथा गूदे को पीसकर चीनी मिलकर चटनी बनाकर सेवन करे।
* ज्वर मे
ज्वर मे भी अमरूद का उपयोग करके ठीक हुआ जा सकता है कोमल पत्ते 15 - 20 लेकर पीसकर छानकर पानी के साथ पीने से ज्वर जल्दी ही ठीक हो जाता है।
* आँखो के लिए
आँख आने पर आँखो मे पीड़ा , लालपन तथा सूजन हो जाती है , ऐसे मे अमरूद के पत्तो को पीसकर पुल्टिस बनाकर पलकों पर बाँधने से लाभ होता है।


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