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Benefits of black pepper

          उत्तम स्वास्थ्य  की कुंजी   काली मिर्च 

छोटी सी दिखने वाली काली मिर्च बड़े काम की चीज है।काली मिर्च का प्रयोग वैसे तो मसाले के रूप मे किया जाता है साथ ही साथ  खाने का स्वाद बढ़ाने के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें  आयरन , मैगनिशियम , जिंक , विटामिन ए एवं सी और पोषक तत्व पाए जाते है   यह औसधि गुणों  से युक्त है जो की स्वास्थ्य के लिए फायदे  मंद है।  इसका इस्तेमाल दवा के रूप में भी किया जाता है।


 1सर्दी और जुकाम 

   सर्दी  और जुकाम मे  काली मिर्च बहुत फायदा करती  है , काली मिर्च  और तुलसी का काढ़ा  बनाकर जुकाम मे लाभदायक है ,  2 काली  मिर्च और  गुड को मिलकर  भी खाने से लाभ होता है। 



2 .  आँखो  के लिए

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 घी और काली मिर्च का पाउडर खाने से ये आँखो के लिए फायदे मंद होता है।  



 3 . लो ब्लडप्रेसर 
                       यदि किसी को लो ब्लडप्रेसर की प्रॉब्लम हो तो वो काली मिर्च के पांच दाने और १२ किसमिस, दिन मे  दो तीन बार दिन मे  खाये तो  लो ब्लड प्रेसर नार्मल हो जाता है।  


  
4  . इंफेक्शन  
                         काली मिर्च मे एन्टीबॅक्टेरिअल  तत्व  होते है।  जो इन्फेक्शन से बचाने  मे  फ़ायदे मंद होते है।   


5. दिमाग के लिए  
                                            
                                          काली मिर्च  दिमाग के स्वास्थ्य के फायदेमंद होता है,  यह याददाश्त  को बढ़ाता है  ( इसमें दिमाग को शांत करने वाले केमिकल हो होते है। 


6 . भूख को उत्तेजित करता 
                                           काली मिर्च पाचन शक्ति और भूख को बढ़ाता है। अत. जिन लोगो को भूख  कम लगती है उनको लिए भूख बढ़ाने का  एक अच्छा और सरल उपाय है। 

                                                   
                             


 6- आधा चम्मच घी में आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।



  









the advantage of water chestnut , it is a useful fruit

 सिंघाड़ा एक उपयोगी फलाहार है, और इसके बहुत से फायदे है। 


ठंड के  मौसम के आने के साथ ही साथ , एक अनुपम फल सिंघाड़े का आगमन हो जाता है। अक्टूबर नवंबर दिसम्बर माह मे सिंघडा पूर्ण रूप से मिलने लगता है। 

सिंघडा एक अत्यंत पौष्टिक और फलाहारी होता है।  इसका व्रत त्यौहार मे इसका प्रयोग लाभदायक होता है। सिंघडा मे  विटामिन  ए , विटामिन सी , लौह , मैगनीज , प्रोटीन , वसा पर्याप्त रूप मे पाया जाता है। चूकि यह पचने मे हल्का होता है।  अतः व्रत के दिनों मे  इसका उपयोग उबालकर या कच्चा लेना शक्ति वर्धक  एवं  उपयोगी होता  है। 
 सिघाड़ा स्वभाव से  शीतल  ,मधुर , बलवर्धक  ,रक्तविकार, को दूर करने  वाला  होता है।


 सिघाड़े  के फ़ायदे   - :

 1 .  अस्थमा के मरीजों के  लिए सिंघाड़ा बहुत फायदेमंद होता है. सिंघाड़े को नियमित रूप से खाने से सांस संबधी समस्याओं से भी आराम मिलता है.



2 .  सिंघाड़े का सेवन रक्त संबंधी समस्याओं को भी ठीक करता है. साथ ही मूत्र संबंधी रोगों के उपचार के लिए सिंघाड़े का प्रयोग बहुत फायदेमंद है. दस्त होने पर भी सिंघाड़े का सेवन रामबाण उपाय है.
3 . सिंघाड़ा शरीर को ऊर्जा देता है, इसलिए इसे व्रत के खाने में शामिल किया जाता है. इसमें आयोडीन भी पाया जाता है, जो गले संबंधी रोगों से रक्षा करता है और थाइरॉइड ग्रंथि को सुचारू रूप से काम करने के लिए प्रेरित करता है.एसिड 

4 .  सिघाड़ा एक अत्यनत बलवर्धक एवं पित्तशामक फल है।  अतः दुबले  पतले शरीर   वालो के लिए , यह अमृत तुल्य सिद्ध होता है। 

5 .  मरीजों  को कच्चा या उबालकर सिघाड़ा का  प्रयोग करना  चाहिये
( एलकेलाइन ) गुण  होने के कारण , यह पाचनतंत्र एवं शरीर  के ऊतकों 
 से  (एसिड ) का शीघ्र  ख़त्म  करता है। 

6 .  वो महिलाएं जिनका गर्भाशय कमजोर हो, उनके लिए ये फायदे  मंद है  साथ ही साथ कमर का दर्द, पैर  का दर्द भी दूर होता है। नियमित   कच्चा सिंघाड़ा खाएं इससे फायदा होता 

 7 . सिंघाड़े की बेल को पीसकर उसका पेस्ट शरीर में जलन वाले स्थान पर लगाएं। इससे दर्द में आराम मिलता है। 

8 . अगर मांसपेशियां कमजोर हैं या वीकनेस है तो, सिंघाड़ा खाएं। सिंघाड़ा पित्त और कफ को खत्म करता है। 

9 .  गले में इन्फेक्शन होने पर सिंघाड़े का आटा दूध में मिलाकर पिएं, तुरंत राहत मिलेगी। 
10. ख़ूनी  बवासीर या रक्तस्राव को  रोकने के  लिए  सिघाड़े का प्रयोग  लाभकारी  होता है।  
11 . शरीर  की सूजन को दूर करने के लिए इसका प्रयोग गुणकारी होता है।

12 .  बालो  की समस्या को भी दूर किया जा सकता है।  
 सिघाड़ा  बलवर्धक एवं ज्ञान शक्ति को बढ़ाने वाला होता है अतः किसी भी लम्बी बीमारी के बाद , जैसे बुखार , टायफिड  आदि  के  बाद सिघाड़े का प्रयोग , रोगी की डिजिएस्ट  सिस्टम को ध्यान मे रखते हुये करना चाहिए। यह  (एंटीऑक्सीडेंट ) गुणों  से भरपूर होने के साथ साथ शरीर  मे  वसा  , विटामिन्स , एवं खनिज लवणों  की आपूर्ति करने वाला उत्तम  फल होता है।
   


  

  

health guard guava

                          स्वाथ्य रक्षक अमरूद  

वैसे तो फलो मे सेब को अच्छा और स्वाथ्य जनक माना  जाता है,  किन्तु सेब  के समस्त गुण होने और अन्य फलो की अपेक्षा सस्ता होने से अमरूद का  प्रयोग नार्मल से नॉर्मल व्यक्ति भी कर सकता है। 

इस पोस्ट मे  हम आपको अमरूद का कैसे प्रयोग करके स्वास्थ्य रहा जा सकता है  बतायेगे। 

अमरूद की  कई प्रजातियां होती है परन्तु मुख्य रूप से गुलाबी और सफ़ेद दो प्रकार का होता है ,जिसका गुदा अंदर से गुलाबी होता है , उसे गुलाबी या लाल  अमरूद, जिसका गुदा अंदर से सफ़ेद रंग का होता है , उसे सफ़ेद  अमरूद कहा जाता है। 

हिंदी मे  अमरूद , मराठी मे  जामफल कहा जाता है दक्षिण  मे  इसे पेरू नाम से जाना  जाता है 

अमरूद के फ़ायदे 

*  रुचिकारक ,शुक्रवर्धक , कब्जनिवारक होता है। 

*   मानसिक शक्ति बढ़ाता है।

*   हदय के लिए बल वर्धक होता है। 

*   कफ निवारण होता है। 

उलटी और चक्कर दूर करता है। 

शीतल प्रभावशाली होने से मानसिक  रोगो को दूर करता है।  

प्रोटीन , कार्बोहाई ड्रेट  और विटामिन  ए ,बी ,सी  और फास्फोरस         और  कैल्शियम आदि लवण पाए जाते है  

* तृषा  को दूर करता है 

* अमरूद के बीज कब्ज  निवारक होते है।    
            
अमरूद का  उपयोग  

* दांतो के दर्द और मसूड़ों की सूजन मे अमरूद के फायदे 



अमरूद के 15 -20  मुलायम पत्ते तोड़कर मसलकर 2  गिलास पानी मे उबाले , जब आधा पानी शेष रहे , तब उतारकर मामूली ठंडा करके 3 ग्राम  सेंधा नमक और 1  ग्राम फिटकरी डालकर बार बार कुल्ला करने से  ये दातो के दर्द और सूजन के लिए लाभदायक होता है।

*   मुख के छालो  मे अमरूद का उपयोग 

अमरूद के पत्तो पर कत्था लगाकर चबाएं। केवल अमरूद के पत्ते चबाने - से भी छाले ठीक हो जाते है। 

*   हैजा  की अवस्था मे अमरूद का उपयोग 

    हैजा  रोग की शुरुआत मे  अमरूद के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर या अमरूद के पत्तो का काढ़ा बनाकर रोगी को ५० ग्राम काढ़ा पिलाने से उल्टी दस्त बंद हो जाते है।  या लाभ रोग की शुरुआती अवस्था मे  होता है।

*  सुखी खासी मे अमरूद का उपयोग 

  जिन लोगो को ख़ासी की समस्या हो, वो  प्रीतिदिन खाली पेट अमरूद खाने से ३-४  दिनों मे  ही ख़ासी दूर हो जाती है 

* सामान्य जुकाम और ख़ासी मे 

आप लोग अमरूद को आग मे  भूनकर , सेंधा नमक लगाकर सेवन करेंगे तो भी इसका लाभ होता है। इससे सर्दी दूर हो जाती है 

* सरदर्द   मे  उपयोगी 

 जिन लोगो को सरदर्द की समस्या हो वो लोग कच्चे हरे ताजे अमरूद  लेकर घिसकर लेप बनाये और माथे पर लगाए ऐसा कुछ दिनों तक करने सरदर्द मे  पूर्ण रूप से फयदा होगा। 

* हदय रोग मे 

ह्दयरोगी  के  लिए अमरूद की चटनी लाभप्रद होती है , पके हुए अमरूद के बीज निकल दे तथा गूदे  को पीसकर चीनी मिलकर चटनी बनाकर सेवन करे।

* ज्वर मे 
  
ज्वर मे भी अमरूद का  उपयोग करके ठीक हुआ जा सकता है कोमल पत्ते 15  - 20 लेकर पीसकर छानकर पानी के साथ पीने से ज्वर जल्दी ही ठीक हो जाता है। 
   
* आँखो के लिए 

  आँख आने पर आँखो मे पीड़ा , लालपन तथा सूजन हो जाती है , ऐसे मे अमरूद के पत्तो को पीसकर पुल्टिस बनाकर पलकों पर बाँधने  से लाभ होता है। 







How to prevent hair fall

                   बालों  का झड़ना कैसे कम करे 


बालो का झड़ना बहुत ही गंभीर समस्या है  , आजकल युवक हो युवतियां सभी को ये दिक्कत होती है ,कैसे बालो का झड़ना या कम होना रुके ? 

इस पोस्ट मे आपको बालो की समस्या से कैसे बचें के उपाय बताऊंगी,     लोग बालो की समस्या के कारण सौंदर्य पर लगे  ग्रहण  से परेशान रहते है  और इसके उपाय ढूढ़ते है। 

बालो की समस्या हो या चेह रे  पर सौंदर्य कम होने की समस्या हो इसके उपाय जानने से पहले, इनके कारणओ   को जानना जरूरी होता है।

   



बालो के असमय टूटने क कई कारण है   

*  बालो के असमय टूटने या सफेद होने का मुख्य  कारण  नियमित  भोजन मे , संतुलित आहार के लिए विटामिन , खनिज , प्रोटीन,की आपूर्ति न हो पाना होता है 

* आजकल बढ़ते प्रदूषण  के कारण और शरीर  के हर एक पार्ट पर फर्क पड़ता है जैसे बालो का टूटना आदि।  

*  बहुत मिर्च ,तेल ,मसालेदार भोजन ,फास्टफूड ,से भी बालो की जड़े  कमजोर होने लगती है

*  बार बार साबुन , शैम्पू और तेल मे  बदलाव करना भी एक कारण होता है

* बालो मे रहने वाले डैन्ड्रफ ,बालो को अत्यधिक कमजोर करते रहते है 

                      इन  कारणों से आपके बाल कमजोर हो जाते है                      


सावधनियां और उपाय 
* नियमित आहार मे , अकुरित अनाज ,कड़ी मूँग , चना ,सोयाबीन ,मूँगफली आदि साथ ही साथ मौसमानुसार ताजेफल ,सलाद ,गाजर चुकंदर दही आदि का सेवन करना चाहिये 

* धूल और पसीना , बालो के लिए अत्यनत नुकसान दायक होते है, साप्तह मे दो या तीन बार शैम्पू द्वारा बालो को जरूर साफ़ करे। 

* रात मे सोते समय  मुनक्के ,दूध मे उबालकर पीना लाभकारी होता है। 

* सिर के बालो के लिए एक  निश्चित तेल का ही प्रयोग करे। 

* बादाम ,सिर  के बालो के लिए बहुत गुण कारी है। डेली चार पांच बादाम और चार पांच काली मिर्च को खूब पीसकर दूध के साथ पीने से , बालो का असमय टूटना और सफेद होने से बचाता है। 

* इसके अलावा आप आंवला का रस ,भृंगराज का रस , तिल के तेल मे मिलाकर पका  ले , जब तेल थोड़ा सा बचे तो उसमे जैतून का तेल मिला कर ,इसका प्रयोग बाल पर करने से आपके बाल टूटेंगे नहीं और मजबूत भी रहेंगे। 

* नीम की पत्तियों को कूच ले , २ लीटर पानी मे  डालकर पका ले। एक  लीटर पानी बचने पर ,  इस पानी से बाल धोने पर डैंड्रफ नहीं रहेंगे।  इसका प्रयोग आप सभी डेली ३ -४  बार कर सकते। तभी इसका फायदा होगा।     

उम्मीद करती हूँ आप सभी को मेरी ये पोस्ट पसंद आएगी ।   
        


HOW TURMERIC IS USEFUL

                                                         

                          हल्दी बहुत उपयोगी है  


हल्दी   मासालो   के   रूप   मे   तो   प्रयोग   होता    है      साथ   मे   इसका   प्रयोग   करके   आप   लोग अपनी    सेह त   भी   सही    रख   सकते है  , हल्दी  मे  एक  विशेष  है  यह  शरीर  मे   किसी भी    तरह के रोग  से   शरीर  की  रक्षा  करती है ।   

हल्दी  का  इस  तरह  से प्रयोग करके  आप लोग सेहत मंद रह सकते है 

  1        हल्दी जोड़ो के दर्द या सर्दी के दिनों मे  शरीर  की अकड़न मे  , चौथई से पोन छोटे चम्मच तक हल्दी                 चुरा  गरम दूध  मे  डालकर पीने से लाभ होता है।

        हल्दी  प्र सू ता महिलाओ के लिए  अतंयंत  लाभ कारी सिद्ध  होती है  डेली सुब ह  शाम ३ -३ ग्राम लेने                 से  ये फ़यदे मंद है।

3         जिन लोगो को  हमेसा जुकाम की शिकायत  रहती  है उनके  लिए , हल्दी की  गांठ लेकर , उसके छोटे

             टुकड़े  कर ले , इन टुकड़े को  गरम  तवे  पर अच्छी तरह से भू न कर  , पीस  छान  ले  त था

             इसमें   सौंठ , काली मिर्च , को मिला कर रख  ले , इसका सेवन सुबह शाम करे।  ये  जू क़ाम  के लिए

          लाभ धायक  है

      चे ह रे  पर मुहासो के दागों को दूर करने के लिए हल्दी की गांठ  और चन्दन को पीस ले फिर दोनों का
          
           एक  एक छोटा चम्मच पेस्ट  लेकर माखन , मलाई  मे मिलाकर मिक्स तैयार  कर ले , और उसे चहरे

          लगाए।  उससे  आपके चहरे  पर मुहासो का दाग ठीक हो जायेगा।